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ब्रेकिंग न्यूज़: राजधानी में बड़ा ब्लास्ट! लाल किले के पास धमाका—क्या है सुरक्षा में चूक? पढ़ें दिल्ली को दहलाने वाले सभी बड़े आतंकी हमलों की पूरी क्रोनोलॉजी और विश्लेषण

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर एक बड़े धमाके से दहल उठी है। सोमवार शाम को लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास खड़ी एक कार में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस शक्तिशाली धमाके में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियों ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से जुड़े एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 360 किलोग्राम विस्फोटक बरामद हुआ था। इस नवीनतम ब्लास्ट ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 💥 घटनाक्रम: लाल किले के पास क्या हुआ? (सोमवार, 10 नवंबर 2025) ❓ सुरक्षा में चूक और बड़े सवाल राजधानी के इतने संवेदनशील और ऐतिहासिक स्थल (लाल किले) के पास इतनी बड़ी घटना होना सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है: 💣 दिल्ली को दहलाने वाले वे काले दिन: प्रमुख हमलों की क्रोनोलॉजी दिल्ली, भारत की राजधानी होने के नाते, हमेशा आतंकी संगठनों के निशाने पर रही है। इस नवीनतम घटना ने राजधानी को हिला देने वाले पुराने हमलों की यादें ताज़ा कर दी हैं। तारीख स्थान घटना का स्वरूप और प्रभाव 20 मई, 1996 लाजपत नगर एक भीषण बम धमाके में 13 लोगों की मौत और 39 घायल। 30 दिसंबर, 1997 पंजाबी बाग बस में हुए बम धमाके में 4 यात्रियों की मौत। 29 अक्टूबर, 2005 सरोजिनी नगर, पहाड़गंज, गोविंदपुरी दिवाली से ठीक पहले तीन सिलसिलेवार धमाके (सीरियल ब्लास्ट)। 59 से अधिक लोगों की मौत और 100 से अधिक घायल। (परपेट्रेटर: लश्कर-ए-तैयबा) 13 सितंबर, 2008 कनॉट प्लेस, गफ्फार मार्केट, ग्रेटर कैलाश 45 मिनट के भीतर पाँच सिलसिलेवार धमाके। 25 लोगों की मौत और 100 से ज़्यादा घायल। (परपेट्रेटर: इंडियन मुजाहिदीन) 7 सितंबर, 2011 दिल्ली हाई कोर्ट हाई कोर्ट परिसर के बाहर हुए धमाके में 11 लोगों की मौत और 70 से अधिक घायल। 30 नवंबर, 1997 लाल किला क्षेत्र लाल किला क्षेत्र में हुए दोहरे धमाकों में 3 लोगों की मौत और 70 घायल हुए थे। दिसंबर 2000 लाल किला परिसर परिसर पर हुए हमले में तीन लोग मारे गए थे। (परपेट्रेटर: लश्कर-ए-तैयबा) स्रोत (Sources): https://www.livehindustan.com/ncr/delhi-blast-live-update-explosion-reported-in-car-near-red-fort-metro-station-live-blog-201762784112689.html https://www.tv9hindi.com/state/delhi-ncr/delhi-red-fort-car-blast-know-when-major-blasts-happen-in-delhi-3565553.html

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पूर्व विदेश सचिव ने दावा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर से चीन और पाकिस्तान के बीच घनिष्ठ संबंध होने का संकेत मिला

  प्रेस रिलीज़ के अनुसार, कार्यक्रम की चर्चाएँ रणनीतिक और तकनीकी मुद्दों के इर्द-गिर्द केंद्रित थीं। इनमें चीन-पाकिस्तान के साथ    भारत के संबंध, युद्ध का बदलता चेहरा, कूटनीति और रक्षा में टेक्नोलॉजी की भूमिका, तथा ड्रोन और साइबर उपकरणों का       बढ़ता इस्तेमाल प्रमुख थे। पुणे इंटरनेशनल सेंटर के संवाद कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़े एक अत्यंत गंभीर बयान दिया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन ने चीन और पाकिस्तान के बीच एक अज्ञात और गहरी रणनीतिक साझेदारी को उजागर किया है। श्रृंगला ने ज़ोर देकर कहा कि चीन की यह भागीदारी अब सामान्य आपूर्ति से कहीं आगे निकलकर, खुफिया और कूटनीतिक दोनों तरह के सहयोग में बदल चुकी है। यह रिश्ता अब एक ‘सदाबहार’ गठबंधन बन गया है, जिसका स्पष्ट उद्देश्य भारत के बढ़ते प्रभाव को चुनौती देना है। यह महत्वपूर्ण चर्चा, जो भारत की विदेश नीति पर केंद्रित थी, का संचालन चीन में भारत के पूर्व राजदूत गौतम बंबावाले ने किया। पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने भारतीय विदेश नीति पर अपनी राय रखते हुए कहा कि यह यथार्थवाद और आदर्शवाद के बीच एक बेहतरीन संतुलन दर्शाती है। उनके अनुसार, हमारी नीति विकास की ज़रूरतों, रणनीतिक स्वतंत्रता (आज़ादी), और सबको साथ लेकर चलने वाले दृष्टिकोण (समावेशी नज़रिए) को एक साथ साधकर चलती है। पुणे इंटरनेशनल सेंटर (पीआईसी) की ओर से जारी विज्ञप्ति बताती है कि कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इनमें मुख्य रूप से चीन और पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्ते, युद्ध का बदलता स्वरूप, और रक्षा एवं कूटनीति में टेक्नोलॉजी, ड्रोन तथा साइबर उपकरणों की बढ़ती भूमिका शामिल थे। चीन के हथियारों का इस्तेमाल और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ कार्यक्रम के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान द्वारा चीनी हथियारों के उपयोग से जुड़े सवाल पूछे गए। इस पर श्रृंगला ने साफ़ संकेत दिया कि यह संघर्ष चीन-पाकिस्तान की गहरी रणनीतिक साझेदारी को दिखाता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत ने इस साल मई में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ चलाया था। यह 20 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का करारा जवाब था, जिसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। 6-7 मई की रात को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों (जैसे बहावलपुर, मुरीदके, मुज़फ़्फ़राबाद) पर प्रिसीजन मिसाइलें दागीं। इस कार्रवाई में 100 से ज़्यादा आतंकियों को मार गिराया गया। पाकिस्तान ने जवाबी हमला किया, लेकिन भारत ने तुरंत उसके 11 एयरबेस और रडार को नष्ट कर दिया।

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