नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर एक बड़े धमाके से दहल उठी है। सोमवार शाम को लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास खड़ी एक कार में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस शक्तिशाली धमाके में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियों ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से जुड़े एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 360 किलोग्राम विस्फोटक बरामद हुआ था। इस नवीनतम ब्लास्ट ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
💥 घटनाक्रम: लाल किले के पास क्या हुआ? (सोमवार, 10 नवंबर 2025)
- समय: शाम लगभग 7:05 बजे (IST) के आसपास।
- स्थान: लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास खड़ी एक कार।
- ब्लास्ट की तीव्रता: विस्फोट इतना भीषण था कि आसपास खड़ी तीन से चार गाड़ियों में तुरंत आग लग गई और कई मीटर दूर तक की गाड़ियों के शीशे टूट गए।
- हताहत: दिल्ली पुलिस के अनुसार, कम से कम 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
- प्रतिक्रिया: घटना की सूचना मिलते ही दमकल की सात गाड़ियाँ मौके पर भेजी गईं। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और पूरी दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
❓ सुरक्षा में चूक और बड़े सवाल
राजधानी के इतने संवेदनशील और ऐतिहासिक स्थल (लाल किले) के पास इतनी बड़ी घटना होना सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है:
- ख़ुफ़िया तंत्र की विफलता: यह धमाका ऐसे दिन हुआ जब फ़रीदाबाद (दिल्ली-NCR) में भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार पकड़े गए थे। ऐसे में क्या ख़ुफ़िया एजेंसियों के पास इस तरह के किसी बड़े हमले की तैयारी की कोई पूर्व सूचना नहीं थी?
- हाई-सिक्योरिटी ज़ोन: लाल किला और मेट्रो स्टेशन अति-संवेदनशील क्षेत्र हैं। यहाँ पर इतनी तीव्रता वाला विस्फोटक लेकर कार कैसे खड़ी की गई?
- आतंकी कनेक्शन: क्या इस ब्लास्ट का सीधा संबंध हाल ही में पकड़े गए जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े मॉड्यूल से है, जिन्होंने बड़े हमले की साजिश रची थी?
💣 दिल्ली को दहलाने वाले वे काले दिन: प्रमुख हमलों की क्रोनोलॉजी
दिल्ली, भारत की राजधानी होने के नाते, हमेशा आतंकी संगठनों के निशाने पर रही है। इस नवीनतम घटना ने राजधानी को हिला देने वाले पुराने हमलों की यादें ताज़ा कर दी हैं।
| तारीख | स्थान | घटना का स्वरूप और प्रभाव |
| 20 मई, 1996 | लाजपत नगर | एक भीषण बम धमाके में 13 लोगों की मौत और 39 घायल। |
| 30 दिसंबर, 1997 | पंजाबी बाग | बस में हुए बम धमाके में 4 यात्रियों की मौत। |
| 29 अक्टूबर, 2005 | सरोजिनी नगर, पहाड़गंज, गोविंदपुरी | दिवाली से ठीक पहले तीन सिलसिलेवार धमाके (सीरियल ब्लास्ट)। 59 से अधिक लोगों की मौत और 100 से अधिक घायल। (परपेट्रेटर: लश्कर-ए-तैयबा) |
| 13 सितंबर, 2008 | कनॉट प्लेस, गफ्फार मार्केट, ग्रेटर कैलाश | 45 मिनट के भीतर पाँच सिलसिलेवार धमाके। 25 लोगों की मौत और 100 से ज़्यादा घायल। (परपेट्रेटर: इंडियन मुजाहिदीन) |
| 7 सितंबर, 2011 | दिल्ली हाई कोर्ट | हाई कोर्ट परिसर के बाहर हुए धमाके में 11 लोगों की मौत और 70 से अधिक घायल। |
| 30 नवंबर, 1997 | लाल किला क्षेत्र | लाल किला क्षेत्र में हुए दोहरे धमाकों में 3 लोगों की मौत और 70 घायल हुए थे। |
| दिसंबर 2000 | लाल किला परिसर | परिसर पर हुए हमले में तीन लोग मारे गए थे। (परपेट्रेटर: लश्कर-ए-तैयबा) |
स्रोत (Sources):
